Size:
Tone:
Love
मुझे प्यार हुआ था
Love
2 min read 2026-09-29
मुझे मोहब्बत हो गई थी मेरे एक दोस्त से,
मुझे इबादत हो गई थी मेरे एक दोस्त से।
वो दोस्त था मेरा, जिससे घंटों बातें हुआ करती थीं,
बिना किसी वजह के भी मुलाक़ातें हुआ करती थीं।
कुछ अपना था उसके पास, कुछ हम हुआ करते थे,
हम एक-दूसरे से सब कुछ कह दिया करते थे।
फिर न जाने कब, उसकी बातों का इंतज़ार होने लगा,
उसके एक मैसेज पर चेहरे पर वार आने लगा ।
शायद वहीं से दोस्ती कुछ और होने लगी,
मुझे ख़बर भी नहीं हुई,
और मुझे उससे मोहब्बत होने लगी,
फिर एक पल जो छुपा रखना थी ,वो बात कह दी।
मगर मेरी मोहब्बत उसे पसंद न थी,
मेरी चाहत उसके दिल में शायद ज़रा भी न थी।
फिर क्या, बातें बंद होने लगीं,
जो रातें कभी हमारी थीं, वो ख़ामोश होने लगीं।
न जाने किस मोड़ पर हम एक-दूसरे से अनजान हो गए,
कल तक जो सबसे अपने थे, आज बस एक ख़्वाब हो गए।
कभी-कभी सोचता हूँ, काश मैंने इकरार न किया होता,
तो शायद आज भी वो दोस्त मेरे साथ होता।
मगर दिल को कौन समझाए,
मुझे मोहब्बत हो गई थी मेरे एक दोस्त से,
मुझे इबादत हो गई थी मेरे एक दोस्त से।
वो मेरा होकर भी मेरा न हुआ,
और मैं उसका होकर भी
उसके लिए अजनबी हो गया।
— Anant Yadav
Share Poem: