Love 1 min
वो प्यार थी
चुप मत रहा करो
वो मेरा प्यार थी…
और न जाने कब
वो मेरी ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा बन गई।
उससे बात करना सुकून था,
उसका साथ मेरी आदत थी,
और उसका होना
मेरी दुनिया हुआ करता था।
हमने साथ में
कितने ख़्वाब देखे थे,
कितनी बातें अधूरी छोड़कर
कल में पूरी करने का सोचा था।
लेकिन शायद
हम हमेशा साथ रहने के लिए थे ही नहीं,
एक दिन
हमारा प्यार खत्म हो गया…
न जाने किसकी गलती थी,
न जाने कहाँ से दूरियाँ शुरू हुईं
बस इतना पता है कि
जिस इंसान के बिना एक पल मुश्किल लगता था,
आज उसी के बिना जीना सीखना पड़ रहा है।
वो मेरी प्यार थी…
और अब सिर्फ़ मेरी एक याद है।
प्यार ख़त्म नहीं हुआ,
बस वो प्यार थी और नहीं रही।
Read Full Poem