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Love
तुम्हे पाओगे तुम
चुप मत रहा करो
1 min read 2026-09-23
मेरे जैसा कहाँ बन पाओगे तुम,
जब किसी को दिल से चाहोगे तुम।
फिर मेरी बातें याद आएँगी,
जब रातों में अकेले मुस्कुराओगे तुम।
बेचैनी तब समझ आएगी तुम्हें,
जब किसी के इंतज़ार में ख़ुद को पाओगे तुम।
मेरी ख़ामोशी समझने लगोगे,
जब ख़ुद किसी के लिए चुप रह जाओगे तुम।
मेरी लिखी ग़ज़लें पढ़ना कभी,
ग़ज़लों में ख़ुद को ढूँढता पाओगे तुम।
मैं उम्र भर उसी राह पर ठहरा रहूँगा,
जिस राह से शायद कभी लौटकर न आओगे तुम।
तुम्हें मेरा होना शायद कभी महसूस न हो,
मगर मेरी हर दुआ में ख़ुद को पाओगे तुम।
तुम्हें मुझसे इश्क़ हो या न हो,
मेरी बेवजह मोहब्बत में ख़ुद को पाओगे तुम।
और जब मेरी उम्र मेरी कलम से पूछेगी-
“किसके इंतज़ार में लिख दी पूरी ज़िंदगी?”
बस एक शेर और लिखूँगा,
और उस शेर में ख़ुद से भी ज़्यादा,
खुद को पाओगे तुम।
— Anant Yadav
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